Monday, 16 April 2018

Dalhousie Day 2 (डलहौजी दूसरा दिन:-डैणकुंड .खजियार)


डलहौजी दूसरा दिन
डैणकुंड

यह दिन हमारा कुछ हेक्टिक होने वाला था। हम सुबह आराम से तैयार होकर निकले ।हमें खजियार की तरफ जाना था ।पर उससे पहले हमें डैणकुंड के बारे में बताया गया ।यह एरिया पूरी तरह आर्मी के पास है ।हमने अपनी गाड़ी नीचे ही लगाई । फिर एक मंदिर के रास्ते की तरफ निकले ।यह एक तरह की ट्रैकिंग थी और धूप पूरी तरह खिली हुई थी । थूप ठंडे मौसम में बहुत ही लुभावनी लग रही थी ।ऊपर देखते हुए बहुत ही अच्छा लग रहा था ।हम धीरे-धीरे मंदिर की तरफ बढ़ने लगे । यहां से मंदिर का कोई नामोनिशान दिखाई नहीं दे रहा था। बहुत दूर एक बैठने की जगह दिखाई देती है ।जहां तक जाने की कुछ ही लोग हिम्मत करते हैं ।जबकि वह कोई ज्यादा दूर नहीं है ।जो वहां तक पहुंच गया ,90% वह मंदिर की ओर बढ़ ही जाता है । क्योंकि ,वहां से मंदिर का रास्ता सीधा सीधा ही जाता है ।उसमें कुछ चढ़ाई जैसा नहीं है। रास्ते में बहुत ही मनभावन दृश्य है । इस मौसम में भी कहीं आपको बर्फ दिख सकती है। पहाड़ फूलों से लदे (फ्लावर बैड )देख सकते हैं ।दूर तक एक सारम छोटी-छोटी फूलों से ढका हुआ पर्वत। यहां से दूर बर्फ की पहाड़ियां दिखाई देती हैं ।एक तरफ शिवालिक की पहाड़ियां और दूसरी तरफ धौलाधार पर्वत माला ।पहाड़ों के बीच यह सफर बहुत ही मनभावन प्रतीत होता है।
मंदिर तक पहुंच कर मंजिल को पा जाने जैसा एहसास होता है। ट्रैकिंग करने वाले लोग इस से भी आगे निकल जाते हैं ।हम तो वहीं काली माता और शिवलिंग को माथा टेक कर वापस निकल पड़े  ।पर वहां जाकर बहुत तसल्ली से मिल रही थी ।साफ सांस लेते हुए अपने शरीर के लिए कुछ अच्छा करने जैसा प्रतीत हो रहा था। एक दम शांत वातावरण ,स्वच्छ हवा ,साफ पानी बस जैसे कुदरत कुदरत से मिल रही हो ।ऐसा ही शरीर को वहां पर एहसास हो रहा था। इसके बाद हम नीचे चले आए और अपना सफर खजियार के लिए शुरू किया।

खजियार


जैसे ही हम खजियार पहुंचे ।
हमने पैराग्लाइडिंग का मन पहले ही बना रखा था और वहां पार्किंग से पहले ही हमें पैराग्लाइडिंग करवाने वाले से मुलाकात हो गई ।और वह सीधा हमें कालाटोप की तरफ ले गया। हमने भी सोचा पहले पैराग्लाइडिंग कर ली जाए, फिर आराम से  खजियार में घूमेंगे।
 पैराग्लाइडिंग के चक्कर में एक और ट्रेकिंग हो गई ।जो सपाट सीधी ऊपर तक हमें पैदल लेकर गए ।आधे घंटे का ट्रैक सीधा सपाट ऊपर को जाता हुआ, जबकि हमारा पायलट 10 मिनट 10 मिनट कहकर हमें उपर ले गया ।उसके बाद ग्लाइडर में पूरा ऊपर से नजारा देखते हुए नीचे पहुंचे।ग्लाइडिंग करते हुए तो दिल चाह रहा था कि यह सफर कभी भी ख़त्म ना हो और हम यूं ही पंछी बन उड़ते रहे।
यहाँ  एक मंदिर के दर्शन किए ,इसके बाद हम खज्जियार वापस आ कुछ खाने पीने बैठ गए और वहां आए टूरिस्टों को, बच्चों को गोलों में खेलते हुए और घोड़ों की ग्रुप सवारी करते हुए देखने लगे ।कुछ देर के नजारे के बाद हम लोगों ने वापस चलने की सोचा और फिर वापस होटल की तरफ अपनी गाड़ी दौड़ा दी।
शाम को गाड़ी खड़ी करके फिर हम माल रोड की तरफ निकल पड़े ।खाने पीने के बाद तिब्बती मार्केट में कुछ शॉपिंग की और कल के सफर के लिए तैयार होने और आराम करने को होटल पहुंच गए।

Dalhousie day 1 डलहौजी:Panchpula पंचपूला

डलहौजी एक यादगार ट्रिप ।
पुरानी यादों को याद करने का, हसीन वादियों में खो जाने का, एक यादगार सफर । जब मैं पहली बार डलहौज़ी गई थी, तब बच्ची थी। वह हमारा NCC का ट्रैकिंग कैंप था ।हम लोग दुनेरा से नैनीखड, नैनीखड से डलहौजी, डलहौजी से च खजियार ,खजियार से चंबा तक का सफर पैदल ही तय करते हुए पहुंचे थे ।बहुत सी यादें जुड़ी हुई थी सफर से। तब का सफर बचपन के स्कूल के साथियों के साथ था ।
आज मैं अपने हमसफ़र के साथ यह सफर तय कर रही थी ।इस सफर में एक अलग ही रोमांच था ।सफर हम अपनी गाड़ी से तय कर रहे थे ।जब हम डलहौजी पहुंचे,तो मौसम में एक अजीब सी रूमानियत महसूस हो रही थी। निचले इलाकों में गर्मी हो चुकी थी। पर यहां एक सुकून भरी ठंडक मौजूद थी ।
होटल पहले से बुक कर लिया गया था । वहां पहुंचकर हम फ्रेश हुए ।हमने पहले से कुछ भी प्लान नहीं किया था। ब्रेकफास्ट के साथ वहां के लोगों से बात करते हुए हमने वहां की देखने योग्य जगहों के बारे में जानकारी प्राप्त की ।अभी हम ,सफर करके आए थे, इसलिए सोचा कि पहले सबसे नजदीक का स्थान देखा जाए।
हमारा होटल माल रोड के पास ही मौजूद था ।इसलिए हमें बड़ी आसानी रही । उन्होंने बताया कि यहां से 5 किलोमीटर की दूरी पर पंचकूला है ।हमने अपनी गाड़ी निकाली और वहां की ओर रवाना हुए ।जाति बार सड़क खाली ही दिख रही थी ।एक नया जोड़ा रास्ते में पैदल जा रहा था ।उसने हमसे लिफ्ट मांगी ।हमने दे दी। वह पैदल इसलिए जा रहे थे ,कि उन्हें बताया गया था कि यह 2 किलोमीटर की दूरी पर ही है और उनकी गाड़ी होटल कि उस और है जहां से एक तरफा ट्रैफिक रूल्स होने के कारण उनको पूरा घुमा के गाड़ी लानी पड़ती थी । वह पैदल ही निकल पड़े ।पर जरा धूप होने के कारण रास्ता मुश्किल लग रहा था।
पंचपूला😊


इस जगह पर कुछ दुकानें मौजूद हैं। झूले, एडवेंचर स्पोर्ट्स, परंतू छोटे स्तर पर ।थोड़ा ऊपर चढ़ने पर एक झरना है ।हमने इस जगह को इंजॉय करने की पूरी कोशिश की और किया भी। रास्ते में खाने-पीने की दुकानें भी आपको सफर इंजॉय करने में मदद करती हैं।
वापस आते आते 4:00 बजे का समय हो रहा था ।रास्ता तो 10 मिनट का ही था तो हमने सोचा जाकर आराम करेंगे। पर यह क्या ।यहां तो जाम लग गया था। 15 मिनट का रास्ता दो से ढाई घंटे का बन गया ।छह 6:30 पहुंचे।और थोड़ा होटल में आराम करके हम माल रोड के लिए निकल पड़े।
 यहां छोटी सी माल रोड मौजूद है। पर लोग उस जगह को खूब इंजॉय करते हैं ।खाने पीने की कोई कमी नहीं ।गांधी चौक है ,साथ में एक चर्च है, तिब्बती मार्केट है ।इन चीजों में आप अपना अच्छे से समय व्यतीत कर सकते हैं और शॉपिंग का मजा भी उठा सकते हैं।
हमने तो खूब मजा किया। अब आप ही देख लो ।आपको क्या करना है।

Monday, 19 March 2018

Singapore Day 4.Universal studios

Note: If possible take expres
s pass . Otherwise in grt rush it's not possible to cover whole of the universal studio.




Monday, 15 January 2018

Singapore Day 3 Santosa.sea aquarium.

Reach santosh at 10.30am.By cable car

Views from cable car
Reach Santosh
I entered butterfly park asking counter person wether i will see live flies.He said yes.But only on the entrance there were few that also very less in
number.
All I see there are like this


This animal was also there annd also colored parrots.

You have to pay extra if you want click picture with them.I don't find it interesting.It was wastage of time and money.One can avoid seeing this.
Also some driving games were there.
Then we move to Universal studios.There we decided to see sea aquarium.We ve enough time to see this.This was wonderful experience.

(Note::You can use Universal ticket for two day.we go for Universal studios nxt day.)
I was so amazed that i don't want to go back out of this environment.we spend three to four hours there.Still we dont want to go out of this.But we ve to reach for lighting show at 8. We take bus from outside and reached at the place to take a can and return to our hotel.





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